Congress To Review SIR Strategy In 9 States, 3 UTs On Nov 18
नई दिल्ली, 16 नवंबर:
कांग्रेस पार्टी आगामी 18 नवंबर को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित करने वाली है, जिसमें 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। चुनावी दृष्टि से अहम इस प्रक्रिया को लेकर पार्टी अपनी तैयारियों का व्यापक मूल्यांकन करने जा रही है।

क्या है SIR और क्यों महत्वपूर्ण है यह समीक्षा?
SIR यानी Special Intensive Revision, वह प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची का अद्यतन, सत्यापन और सुधार किया जाता है। इसमें घर-घर सत्यापन, दस्तावेज़ों की जांच, और बूथ-स्तर की रिपोर्टिंग शामिल रहती है।
यह प्रक्रिया चुनावी पारदर्शिता और मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
कांग्रेस का कहना है कि SIR के दौरान हर राज्य में पार्टी की सक्रिय भूमिका आवश्यक है, ताकि मतदाताओं से जुड़े कोई भी महत्वपूर्ण विवरण छूट न जाए।

बैठक का एजेंडा: संगठनात्मक तैयारियाँ और समीक्षा
18 नवंबर को प्रस्तावित बैठक में निम्न प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी:
- SIR प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति का विश्लेषण
- बूथ-स्तर के एजेंटों (BLA) की नियुक्ति और प्रशिक्षण
- राज्यवार प्रगति रिपोर्ट और चुनौतियों का मूल्यांकन
- जमीनी स्तर पर संगठन की सक्रियता का पुनरीक्षण
- समन्वय और निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने पर जोर
कांग्रेस द्वारा कई राज्यों में पहले ही पर्यवेक्षकों और प्रभारी नेताओं की नियुक्ति की जा चुकी है, ताकि SIR कार्यों की नियमित निगरानी हो सके।

9 राज्यों और 3 UTs पर फोकस
सूत्रों के अनुसार, इस समीक्षा का फोकस उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर है जहाँ SIR प्रक्रिया पहले से चालू है और जहां विधानसभा या लोकसभा चुनावों की तैयारियाँ चल रही हैं।
कांग्रेस चाहती है कि उसकी टीम हर क्षेत्र में समयसीमा, प्रक्रिया, और मतदाता सत्यापन से संबंधित कार्यों पर पूरी तरह नियंत्रण रखे।

राजनीतिक दृष्टिकोण से SIR का महत्व
SIR प्रक्रिया न सिर्फ प्रशासनिक कदम है, बल्कि चुनावी रणनीति का एक अहम हिस्सा भी बनती जा रही है।
विपक्षी दलों के बीच इसे लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं, और कई पार्टियाँ इसे चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण साधन मानती हैं।
कांग्रेस की कोशिश है कि मतदाता सूची से जुड़ी किसी भी तरह की त्रुटि को दूर रखने के लिए पार्टी का हर कैडर सक्रिय और प्रशिक्षित रहे।
चुनौतियाँ और संभावित जोखिम
कई राज्यों में SIR की समयसीमा, मानव संसाधनों की उपलब्धता और जमीनी स्तर पर तकनीकी चुनौतियाँ सामने आई हैं।
कुछ राज्यों ने प्रक्रिया की अवधि बढ़ाने की मांग भी की है ताकि मतदाता सत्यापन बिना जल्दबाजी और पूर्णता के साथ संपन्न हो सके।
कांग्रेस का मानना है कि समय पर तैयारी और निरंतर निगरानी ही इन चुनौतियों से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका है।
आगे की रणनीति
18 नवंबर की समीक्षा बैठक के बाद कांग्रेस अपने राज्यों के नेताओं और बूथ-स्तर की टीमों को नई दिशानिर्देश जारी कर सकती है।
पार्टी का उद्देश्य है कि:
- हर मतदाता का नाम सही तरीके से सूची में दर्ज हो
- जमीनी कार्यकर्ता समय पर रिपोर्टिंग करें
- सभी राज्यों में एकरूपता और समन्वय बनाए रखा जाए
यह समीक्षा कांग्रेस की आगामी चुनावी रणनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।





