लाल किले के पास हुए विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट और TATP की मौजूदगी, फॉरेंसिक जांच में बड़ा खुलासा
नई दिल्ली, 16 नवंबर 2025 — राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास हाल ही में हुए कार विस्फोट की फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच में अहम प्रगति हुई है। शुरुआती परीक्षणों से संकेत मिले हैं कि विस्फोटक सामग्री में अमोनियम नाइट्रेट और अत्यधिक संवेदनशील माना जाने वाला TATP (Triacetone Triperoxide) शामिल था।
फॉरेंसिक रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष
- जांच टीम ने घटना स्थल से 40 से अधिक नमूने इकट्ठे किए, जिनमें दो अलग-अलग प्रकार की विस्फोटक सामग्री पाई गई है।
- पहले प्रकार में अमोनियम नाइट्रेट की पुष्टि हुई, जिसका वजन लगभग 30–40 किलोग्राम होने का अनुमान है।
- दूसरे प्रकार की सामग्री की प्रकृति को बेहद शक्तिशाली और अस्थिर बताया जा रहा है, जो संभावित रूप से TATP हो सकती है।
- विशेषज्ञों के अनुसार TATP तापमान, घर्षण या मामूली दबाव से भी सक्रिय हो सकता है, इसलिए इसे अत्यंत खतरनाक प्रारंभिक विस्फोटक माना जाता है।
- जांचकर्ताओं का अनुमान है कि अमोनियम नाइट्रेट मुख्य चार्ज की तरह इस्तेमाल हुआ होगा, जबकि TATP ने विस्फोट को ट्रिगर करने में भूमिका निभाई होगी।
जांच किस दिशा में बढ़ रही है
- सुरक्षा एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह विस्फोट किसी संगठित योजना का हिस्सा था या नहीं।
- अमोनियम नाइट्रेट की सप्लाई-चेन और वितरण नेटवर्क की विशेष निगरानी की जा रही है ताकि संभावित स्रोत का पता लगाया जा सके।
- टीम यह भी जांच कर रही है कि इस्तेमाल किया गया विस्फोटक इम्प्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के तहत आता है या किसी अन्य तकनीक का उपयोग हुआ था।
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों का रुख
- सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए रासायनिक पदार्थों की निगरानी और नियंत्रण को और सख्त करने की आवश्यकता है।
- जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारण, तकनीक और संभावित नेटवर्क का स्पष्ट खुलासा किया जाएगा।





